सोमवार, 29 सितंबर 2008

मेरे बाल झड़ते हैं, उपाय बताएं; कौन सा तेल डालूँ?


बालों के झड़ने के कारण वंशानुगत भी हो सकते हैं और कुपोषण भी। वंशानुगत कारणों से झड़ने वाले बालों का अभी तक कोई भरोसे का उपाय नहीं है। कुपोषण, प्रदूषण और रख-रखाव की कमी से गिरनेवाले बालों का इलाज तो है।
आपकी खुराक में पर्याप्त मात्रा में आयरन-फोलिक, कैल्शियम और एमिनो एसिड्स तो होने ही चाहिए। साथ में बालों की जड़ों में खूब मालिश भी होनी चाहिए। किसी भी अच्छे नारियल या आंवला तेल का प्रयोग नहाने से पहले करें है। दिन भर बालों में तेल धूल-गर्द आदि को पकड़ेगा। यह बालों के लिए कहार्ब है।
खाने में दूध, फल, ताजा सब्जियां और खासी मात्रा में सलाद का प्रयोग करें। सलाद में स्वाद के लिए अधिक नमक या मसलों के प्रयोग से बचें। बालों को अधिक धूप, गर्मी या सर्दी से भी बचाएं। मोटर साईकिल जैसे वाहन पर चलते समय बालों को स्कार्फ में बाँध कर रखें। हेलमेट का प्रयोग सुरक्षा की दृष्टि से भी उत्तम है।
इन उपायों का अपनाना व्यर्थ नहीं जाएगा। कोशिश करें।

मेरी रूम-पार्टनर लेस्बियन है.......

तो क्या हुआ? प्यारे मित्र मुझे तुम्हारे ई-पत्र से ऐसा लग रहा है कि तुम सिर्फ़ अपने को दूसरों की नजरों में 'ठीक' साबित करने के लिए अपनी सहेली की शिकायत कर रही हो। तुमने लिखा है कि वह तुम्हारी छाती पर सर रख के सोना ज्यादा पसंद करती है और तुम उसका मन रखने के लिए कई बार ऐसा करने देती हो। तुम यह भी बताती हो कि सोते समय वह तुम्हारे स्तनों को हथेली में लेकर दबाती है और यह तुम्हें अच्छा नहीं लगता। कई बार तुम्हारी सहेली ख़ुद के स्तनों के साथ भी तुम्हे ऐसा ही करने को दबाव डालती है। तुम ऐसा कर भी देती हो लेकिन तुम्हे यह भी अच्छा नहीं लगता।
प्यारी बहना! मै तो यही मानूं कि इन सारी गतिविधियों में तुम्हारी बराबर की भागीदारी है। समलैंगिक यौनाचार दुनिया भर में विवाद का विषय है। कई देशों में ऐसी गतिविधियों के एवज में कठोर दंड का भी विधान है। लेकिन सच तो यह है कि समलैंगिक यौनाचार दुनिया के हर कोने में मौजूद है। शुक्र है अब इसे लोग पहले के मुकाबले अधिक उदारता से स्वीकारने लगे हैं।
तुम्हारे लिखे से यह भी लगता है कि समलैंगिक यौनाचार तुम्हारी सहज प्रकृति नहीं है। इसे तुम बस परिस्थितियों वश 'झेल' रही हो। तुम्हारी सहेली जरूर समलैंगिक है। लेकिन सिर्फ़ इसी कारण उसके प्रति कोई अपराधी भाव न रखा जाय। मेरा मानना है कि तुम्हे भी मजा आ रहा है। आने दो, कोई बुराई नहीं है।

क्या लड़कियों की विवाह की वैधानिक उम्र कम कर दी जाय?

इंटरनेट पर किए गए एक विश्व-व्यापी सर्वेक्षण के मुताबिक लगभग तीन चौथाई लोग नहीं चाहते कि १८ वर्ष से कम आयु के लड़के-लड़कियां यौन सम्बन्ध बनायें। भारत में विवाह की वैधानिक आयु लड़कियों के लिए १८ वर्ष और लड़कों के लिए २१ वर्ष है। यौन संबंधों के लिए कोई अलग से विधान नहीं है।
इसी तरह कनाडा में वैधानिक यौन संबंधों के लिए अपेक्षित उम्र १६ वर्ष ही है। हालांकि यह भी सत्य है कि भारत में हर साल वैधानिक आयु से बहुत कम उम्र के न जाने कितने बच्चे-बच्चियों की शादियाँ होती हैं। इसी तरह कानूनी रूप से रोक के बावजूद दुनिया भर में कमसिन लड़के-लड़कियां यौन सम्बन्ध बनाते ही रहते हैं।
उल्लिखित सर्वेक्षण में भी लगभग सारे लोगों ने माना की यह मसला सामाजिक है और इसे अकेले कानूनी रूप से नहीं सुलझाया जा सकता।

रविवार, 28 सितंबर 2008

मेरा २३ साल का बेटा लड़कियों जैसी मांग निकालता है.....

आपके बेटे में पुरूष हारमोंस का असंतुलन होना संभव है। कई लड़के पुरूष हारमोंस की कमी के कारण लड़कियों जैसे और कई लड़कियां लड़कों जैसे आचरण करते हैं। आप अपने बच्चे को डाक्टर से सलाह लेकर Provironum 25mg. की गोलियां दे सकते हैं। ये गोलियां तीन महीने तक रोजाना तीन बार भोजन के साथ लेने पर काफी प्रभावशाली प्रमाणित हुईं हैं।
एमवे कारपोरेशन की ओमेगा-३ रोजाना एक कैप्सूल लेना और भी उपयोगी हो सकता है।
आपका बच्चा स्वतः अपने तरीके बदल देगा। यह सब हारमोंस के खेल हैं। चिंता न करें।

कोशिश करने से पहले ही क्यूँ हारें?


एक मित्र ने पूछा है कि आपके सुझाये तरीके से भी स्तन का आकर न बढे तो क्या करें?

प्रिय मित्र,

कोशिश करने से भी पहले आप हताश क्यों हो रहे हैं? हमारा सुझाया तरीका बहुत सारे मित्रों के काम आया है। आप कोशिश करें और पौष्टिक (लेकिन गरिष्ठ नहीं) आहार लें। नतीजा अनुकूल आना चाहिए।

बुधवार, 24 सितंबर 2008

मेरे स्तन छोटे हैं, बड़ा करना चाहती हूँ

संतुलित खानपान और व्यायाम से फर्क पड़ता है। स्तनों पर जैतून के तेल से नियमित मालिश करें। हथेलियों पर तेल लेकर स्तनों को गोल-गोल घुमाएं। पैडेड ब्रा पहनना तात्कालिक रूप से आपको अच्छा लुक दे सकता है। ताजा हरी सब्जियां और फल खाएं।

हस्त मैथुन की आदत से लिंग टेढा हो गया है

यह आपने कहाँ से सीखा कि हस्त मैथुन से लिंग टेढा भी होता है? दुनिया भर में तमाम लोगों की छानबीन बताती है कि हस्त मैथुन एक प्राकृतिक क्रिया है। इसे हर स्वस्थ व्यक्ति करता है। कोई ज्यादा तो कोई कम। आज तक इससे किसी को कोई विशेष नुकसान के प्रमाण नहीं मिले हैं।
हस्त मैथुन एक सुलभ यौन क्रिया है। इससे न तो शारीरिक कमजोरी आती है न सेक्स की ताकत में कोई फर्क पड़ता है। इससे वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या में भी कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन न जाने कितने लोग इस बारे में तमाम भ्रम पाले हुए हैं।
लिंग का टेढा होना शारीरिक बनावट का मामला है। आप चिंता न करें, कई महिलाएं बताती हैं की टेढ़े लिंग वाले अधिक मजा देते हैं। आप जैसे भी हैं, भगवान की मर्जी से हैं। चिंता छोड़ें, मजे करें।