सोमवार, 29 सितंबर 2008

मेरी रूम-पार्टनर लेस्बियन है.......

तो क्या हुआ? प्यारे मित्र मुझे तुम्हारे ई-पत्र से ऐसा लग रहा है कि तुम सिर्फ़ अपने को दूसरों की नजरों में 'ठीक' साबित करने के लिए अपनी सहेली की शिकायत कर रही हो। तुमने लिखा है कि वह तुम्हारी छाती पर सर रख के सोना ज्यादा पसंद करती है और तुम उसका मन रखने के लिए कई बार ऐसा करने देती हो। तुम यह भी बताती हो कि सोते समय वह तुम्हारे स्तनों को हथेली में लेकर दबाती है और यह तुम्हें अच्छा नहीं लगता। कई बार तुम्हारी सहेली ख़ुद के स्तनों के साथ भी तुम्हे ऐसा ही करने को दबाव डालती है। तुम ऐसा कर भी देती हो लेकिन तुम्हे यह भी अच्छा नहीं लगता।
प्यारी बहना! मै तो यही मानूं कि इन सारी गतिविधियों में तुम्हारी बराबर की भागीदारी है। समलैंगिक यौनाचार दुनिया भर में विवाद का विषय है। कई देशों में ऐसी गतिविधियों के एवज में कठोर दंड का भी विधान है। लेकिन सच तो यह है कि समलैंगिक यौनाचार दुनिया के हर कोने में मौजूद है। शुक्र है अब इसे लोग पहले के मुकाबले अधिक उदारता से स्वीकारने लगे हैं।
तुम्हारे लिखे से यह भी लगता है कि समलैंगिक यौनाचार तुम्हारी सहज प्रकृति नहीं है। इसे तुम बस परिस्थितियों वश 'झेल' रही हो। तुम्हारी सहेली जरूर समलैंगिक है। लेकिन सिर्फ़ इसी कारण उसके प्रति कोई अपराधी भाव न रखा जाय। मेरा मानना है कि तुम्हे भी मजा आ रहा है। आने दो, कोई बुराई नहीं है।

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